Vyakaran Kise Kahate Hain | व्याकरण किसे कहते हैं ? परिभाषा व भेद

Vyakaran Kise Kahate Hain व व्याकरण की परिभाषा व भेद इन सभी के बारे यदि आप जानना चाहते हैं तो आज के इस लेख को अंत तक जरूर पढ़े ।

Vyakaran Kise Kahate Hain | व्याकरण किसे कहते हैं ? परिभाषा व भेद


हेलो दोस्तो मेरा नाम है पप्पू लाल और स्वागत है हमारे ब्लॉग HindiGyandeep.iN पर और आज हम 
Vyakaran Kise Kahate Hain | व्याकरण किसे कहते हैं ? परिभाषा व भेद इन सभी के बारे में जानेंगे, तो चलिए शुरू करते है ।

व्याकरण एक ऐसा शास्त्र होता है जो हमे किसी भी भाषा को शुध्द रूप से लिखने व बोलने में मदद करता है । पूरे विश्व मे अनेको भाषा बोली व लिखी जाती है । उन सभी भाषाओ की आपकी एक व्याकरण होती है । जैसे English भाषा को सही से पढ़ने व बोलने के लिए English Grammer के नाम से बनी पुस्तक है । अंग्रेजी भाषा की तरह ही हिंदी भाषा की एक व्याकरण है जिसे हम सभी हिंदी व्याकरण के नाम से जानते है ।

Vyakaran (Grammer)Kise Kahate Hain ? Paribhasha - व्याकरण किसे कहते हैं ? परिभाषा


व्याकरण की परिभाषा :-  जिस भी शास्त्र से हमें  किसी भाषा को सही रूप से बोलने व लिखने तथा समझने की जानकारी होती है उसे हम व्याकरण के नाम से जानते हैं व्याकरण में इस भाषा से संबंधित सभी नियम लिखित होते हैं जिससे भाषा की वह व्याकरण होती हैं ।


व्याकरण की मदद से ही हम किसी भी वाक्य को शुद्ध रूप से बोल सकते हैं और दूसरे के द्वारा बोले गए वाक्य को समझ सकते हैं अगर व्याकरण नहीं होती तो मनुष्य के लिए एक दूसरे को समझना और समझाना काफी मुश्किल हो जाता जैसे पहले ही आदिमानव संकेतिक भाषा में समझाया करते थे मनुष्य कुछ उसी प्रकार कि आज होते लेकिन व्याकरण ही हमें शुद्ध रूप से बोलने व समझने की जानकारी देती हैं ।

उदाहरण के लिए मैं यहां एक वाक्य लिख रहा हूं उससे आप इस व्याकरण के महत्व को बहुत ही आसानी से समझ सकते हैं ।

सीता आज विद्यालय जाएगा तथा राम शहर से अपने गांव आएगी ।

इस वाक्य को पढ़ने के बाद आपको यह अवश्य पता लग गया होगा कि यह वाक्य अशुद्ध है और आपको यह भी पता लग गया होगा कि इस वाक्य में कौन सी अशुद्धि हैं, दोस्तों यदि आपको पता नहीं है मैं आप लोगों को बता दूं कि इस वाक्य में लिंग संबंधित अशुद्धि हैं ।

इस वाक्य में सीता को पुल्लिंग बनाया गया है जबकि सीता स्त्रीलिंग शब्द है उसी प्रकार राम को स्त्रीलिंग शब्द बनाया गया है जबकि वह पुल्लिंग शब्द है । तो आप  इस वाक्य से यह समझ में आ गया होगा कि व्याकरण का इंपॉर्टेंस कितना होता है व व्याकरण किसी भी भाषा के लिए कितने महत्वपूर्ण होती हैं ।


व्याकरण के कितने भेद हैं यानी व्याकरण के प्रकार या व्याकरण के अंग


किसी भी भाषा को सीखने के लिए हमें उस भाषा के वर्ण, शब्द, वाक्य व पद को जानने व समझने व सीखने की आवश्यकता होती है । अतः हम इस आधार पर कह सकते हैं की व्याकरण के चार अंग , भेद या प्रकार होते हैं ।
 
यदि आप किसी भी भाषा को सीखना चाहते हैं तो सबसे पहले उस भाषा की ग्रामर से इन सभी अंगों के बारे में अच्छे तरीके से जानकारी प्राप्त कर लीजिए ताकि आप उस भाषा को सीख सकें ।

1.वर्ण ( अक्षर ) :- 

वर्ण भाषा की सबसे छोटी इकाई होती है व  वर्ण के कभी टुकड़े नहीं किए जा सकते हैं । वर्ण को ही अक्षर ,वर्ण व ध्वनि के नाम से जानते है । हिन्दी भाषा में उच्चारण के आधार पर 45 वर्ण होते हैं। इनमें 10 स्वर और 35 व्यंजन होते हैं। लेखन के आधार पर 52 वर्ण होते हैं इसमें 13 स्वर , 35 व्यंजन तथा 4 संयुक्त व्यंजन होते हैं ।

जैसे :- अ,आ,इ,क, ख, ग,घ...... 

2. शब्द ( Shabd - Word ) :-  


वर्णों के उस समूह को शब्द करते हैं जिसका सार्थक अर्थ निकलता है । यानी  दो या दो से अधिक वर्णों के सार्थक मेल को शब्द कहते हैं । 

जैसे :- सूरज ( व्यक्ति का नाम ), राजधानी , जयपुर आदि ।

इस परिभाषा से आप समझ सकते हैं कि जब दो वर्ण आपस में मिलकर कोई सार्थक शब्द बनाते हैं  और इसके विपरीत यदि दो शब्द मिलकर या इससे अधिक है मिलने पर भी यदि सार्थक अर्थ नहीं देते हैं तो उन्हें शब्द की संज्ञा नहीं दी जाती हैं ।

3. वाक्य ( Vakya - Sentence ) 


परिभाषा :-  शब्दों के उस सार्थक समूह को वाक्य कहते हैं जिसका कोई सार्थक अर्थ निकलता हो । यानी शब्दों के सार्थक समूह को ही वाक्य कहते हैं ।

जैसे :- मोहन पुस्तक पढ़ता है ।

 इस वाक्य में शब्दों के समूह के द्वारा एक वाक्य का निर्माण किया गया है जो एक सार्थक अर्थ दे रहा है ।  इस वाक्य से हमें यह ज्ञात हो रहा है कि मोहन नाम का कोई व्यक्ति पुस्तक पढ़ता है ।


4. पद ( Pad )


वचन , लिंग , विभक्ति,  काल इत्यादि की योग्यता रखने वाले शब्दों को पद कहते हैं । 

उदाहरण के लिए हम एक वाक्य लेते हैं जैसे राकेश पुस्तक पढ़ता है इस वाक्य में राकेश और पुस्तक वचन तथा लिंग का बोध करा रहे हैं इसलिए यह दोनों इस वाक्य में पद हैं और पढ़ता है यह भी इस वाक्य में वचन व काल का बोध करा रहा है इसलिए यह भी इस वाक्य का पद ही हैं ।

अंतिम शब्द 


आज हमने इस आर्टिकल में Vyakaran Kise Kahate Hain | व्याकरण किसे कहते हैं ? परिभाषा व भेद इन सभी के बारे में विस्तार से व सरल भाषा मे समझने का प्रयास किया है । यदि आपको यह लेख पसंद आया है और इस आर्टिकल से कुछ सीखने को मिला हो तो इस आर्टिकल को अपने दोस्तों के साथ जरूर साझा करें । 

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