सर्वनाम किसे कहते हैं ? परिभाषा व भेद | Sarvanam Kise Kahate Hain

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सर्वनाम किसे कहते है ? और सर्वनाम के कितने भेद है ?
 क्या आप भी यह जानना चाहते है सर्वनाम किसे कहते हैं ? परिभाषा व सर्वनाम के भेद कितने व कौंन कौनसे है व संज्ञा और सर्वनाम में क्या अन्तर है इन सभी के बारे में जानने के लिए आज के इस आर्टिकल में हमारे साथ अंत तक बने रहे ।

जैसा कि हम सभी जानते है कि सर्वनाम हिंदी व्याकरण का एक बहुत ही महत्वपूर्ण टॉपिक है और इस टॉपिक के बहुत सारे प्रश्न अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाते है । आज हम इस टॉपिक को प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुसार ही अध्यन करेंगे ।

सर्वनाम किसे कहते हैं ? परिभाषा

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हिंदी भाषा मे सुंदरता,  संक्षिप्तता एवं पुनरुक्ति दोष से बचने के लिए  संज्ञा के स्थान पर जिस शब्द का प्रयोग किया जाता है वह सर्वनाम कहलाता है । अथार्त  संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले शब्द को सर्वनाम कहा जाता है ।  जैसा कि आप जानते ही होंगे सर्वनाम शब्द का अर्थ होता है सब का नाम ।

सर्वनाम को समझने के लिए नीचे इससे संबंधित कुछ उदाहरण दिए जा रहे हैं उनको पढ़कर आप सर्वनाम को बहुत ही आसानी से समझ सकते हैं । 

सर्वनाम के कुछ उदाहरण :-  

  1. सूरज आज जयपुर नही गया क्योंकि सूरज के घर काम है ।
  2. राधा आज विद्यालय नही आई क्योंकि राधा बीमार है।

इन दोनों वाक्यो में संज्ञा दोनों स्थानों पर प्रयुक्त हुई है क्योंकि के बाद सूरज व राधा दोनों संज्ञा प्रयुक्त हुई है इन दोनों के स्थान पर क्रमशः उसके,वह दोनों सर्वनाम का उपयोग किया जा सकता था इससे भाषा सुंदर व संक्षिप्तता एवं पुनरुक्ति दोष से मुक्त हो रखती थी ।

सर्वनाम के भेद ( प्रकार ) 

सर्वनाम के मुख्य रूप से छः ( 6 ) भेद यानी सर्वनाम के भेद प्रकार है  :- पुरुषवाचक सर्वनाम, निश्चयवाचक सर्वनाम, अनिश्चयवाचक सर्वनाम, संबंधबोधक सर्वनाम, प्रश्नवाचक सर्वनाम, निजवाचक सर्वनाम । ये सभी सर्वनाम के भेद है ।


  1. पुरुषवाचक सर्वनाम 
  2. निश्चयवाचक सर्वनाम 
  3. अनिश्चयवाचक सर्वनाम 
  4. संबंधबोधक सर्वनाम 
  5. प्रश्नवाचक सर्वनाम 
  6. निजवाचक सर्वनाम

1.पुरुषवाचक सर्वनाम परिभाषा व उदाहरण -

जिन सर्वनामो का प्रयोग कुछ कहने वाले , सुनने वाले व जिसके विषय में कहा जाए उनके स्थान पर किया जाता है , उन्हें पुरुषवाचक सर्वनाम कहते है  ।


जैसे :-  


पुरुषवाचक सर्वनाम के तीन भेद होते है जो निम्नलिखित है :- 

अ. उत्तम पुरुष 

ब. मध्यम पुरूष

स.अन्य पुरुष


अ.उत्तम पुरुष व परिभाषा :- 

बोलने वाला या लिखने वाला व्यक्ति अपने लिए जिन सर्वनामों का प्रयोग करता है वह सभी उत्तम पुरूष सर्वनाम कहलाते है । 

उत्तम पुरूष सर्वनाम के मुख्य शब्द मैं , तुम, हम सब, हम लोग आदि उत्तम पुरूष सर्वनाम के कुछ शब्द है ।

ब. मध्यम पुरूष सर्वनाम व परिभाषा :- 

जब किसी को संबोधित करके कुछ कहा जाए या फिर जिससे बातें की जाए , और उनके नाम के बदले में उपयोग किये जाने वाले शब्दों को मध्यम पुरुष सर्वनाम कहलाते है ।

मध्यम पुरूष सर्वनाम के मुख्य शब्द तू, आप, आप लोग , आप सब आदि मध्यम पुरूष सर्वनाम के कुछ शब्द है ।

स. अन्य पुरूष सर्वनाम व परिभाषा :- 

जिसके बारे में बात की जाए या जिसके बारे में कुछ लिखा जाए , उनके नाम के बदले में प्रयुक्त होने वाले सर्वनाम को अन्य पुरूष सर्वनाम कहते है ।

अन्य पुरूष सर्वनाम के मुख्य शब्द वे , वे लोग, ये , यह , आप आदि अन्य पुरूष सर्वनाम के कुछ शब्द है ।

2.निश्चयवाचक सर्वनाम व परिभाषा :- 

जो सर्वनाम निकटतम या दूरस्थ व्यक्ति या किसी पदार्थ की ओर निश्चित संकेत करते है , उन्हें निश्चयवाचक सर्वनाम कहते है ।


निश्चयवाचक सर्वनाम के दो मुख्य प्रयोग है :-

1.निकट की वस्तुओं के लिए - यह , ये

2.दूर की वस्तुओं के लिए - वह, वे ।


3.अनिश्चयवाचक सर्वनाम व परिभाषा :- 

जिस सर्वनामिक शब्द से किसी ऐसे व्यक्ति या पदार्थ का बोध होता है जिसके विषय में निश्चित सूचना नहीं मिलती, उसे अनिश्चयवाचक सर्वनाम  सर्वनाम कहते हैं ।

अनिश्चयवाचक सर्वनाम का बोध कराने वाले शब्द जैसे - कोई , कुछ ।

'कोई' सर्वनाम का प्रयोग प्रायः प्राणी वाचक सर्वनाम के लिए होता है  उदाहरण के तौर पर जैसे :- उसे कोई बुला रहा है ।

इस वाक्य से यह स्पष्ट नहीं हो रहा है कि वह किसे बुला रहा है  आता इसलिए इस वाक्य में अनिश्चित सर्वनाम का बोध हो रहा है  ।


कुछ सर्वनाम का प्रयोग वस्तुओं के लिए किया जाता है , जैसे - पानी में कुछ है ।

इस वाक्य से भी यह स्पष्ट नहीं हो रहा है कि पानी मे क्या गिरा है या पानी मे किया है । इसलिए इस वाक्य में अनिश्चित सर्वनाम का बोध हो रहा है  ।


4. संबंधबोधक सर्वनाम व परिभाषा :-

 दो उपवाक्य के बीच में प्रयुक्त होकर एक उपवाक्य की संज्ञा या सर्वनाम का संबंध दूसरे उपवाक्य के साथ दर्शाने वाला सर्वनाम संबंधवाचक सर्वनाम कहलाता है ।

 साधारण शब्दो मे जैसा कि नाम से ही पता चल रहा है की जो सर्वनाम किन्ही 2 वस्तुओं के बीच संबंध दिखाते हैं उनमें संबंधबोधक सर्वनाम होता है ।


 उदाहरण के तौर पर "जो सत्य बोलता है, वह नहीं डरता । " इस वाक्य में सत्य का संबंध नहीं डरने से हैं अतः इस वाक्य में संबंधबोधक सर्वनाम हो रहा है ।

5.प्रश्नवाचक सर्वनाम व परिभाषा :- 

जिस सर्वनाम का प्रयोग किसी से प्रश्न पूछने के लिए होता है उससे वाक्य में प्रश्नवाचक सर्वनाम होता है और उससे ही प्रश्नवाचक सर्वनाम कहते हैं । जैसे - कौन , किया, किसलिए इत्यादि ।


कौन :-वहां बाहर कौन बैठा था ?

क्या :-  क्या तुम कल दिल्ली जाओगे ?

किसलिए :-  यहां तुम किस लिए आए हो ? 


इस सर्वनाम को पहचानने के लिए आपको यदि किसी वाक्य के अंत में प्रश्नवाचक चिन्ह ( ? )दिखाई देता है तो उस वाक्य में प्रश्नवाचक सर्वनाम हो सकता है ।

6.निजवाचक सर्वनाम व परिभाषा 

 जिन सर्वनाम का प्रयोग वक्ता यानी बोलने वाला या कोई लेखक अपने लिए करते हैं उन्हें निजवाचक सर्वनाम कहा जाता है ।


जैसे :- मैं , आप, खुद , अपना इत्यादि ।


मैं :-  मैं सर्वनाम पढ़ रहा हूं ।

आप :-  आप अपने घर कब जा रहे हैं ।

खुद :-  आज वह खुद मुझसे मिलने आए ।

अपना :-  आज अपना छोटू दिखाई नही दे रहा है ।

अंतिम शब्द 

आज हमने इस आर्टिकल में सर्वनाम किसे कहते हैं ? परिभाषा व सर्वनाम के भेद कितने व कौंन कौनसे है व संज्ञा और सर्वनाम में क्या अन्तर है इन सभी के बारे में विस्तार से व सरल भाषा मे समझने का प्रयास किया है । 

यदि आपको यह लेख पसंद आया है और इस आर्टिकल से कुछ सीखने को मिला हो तो इस आर्टिकल को अपने दोस्तों के साथ जरूर साझा करें । और यदि आपको लगता है कि इस आर्टिकल में कोई कमी महसूस होती है तो नीचे हमे comment box में जरूर अवगत कराएं । ताकि हम आपकी जरूर के अनुसार आर्टिकल को बना सके , आपके सुझाव हमेशा आमंत्रित है ।

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