Samas Kise Kahate Hain ? Paribhasha, bhed ( समास किसे कहते है ? परिभाषा )

समास किसे कहते है ? समास के भेद व उदाहरण
समास किसे कहते है ? समास के भेद व उदाहरण

हेलो गाइस , क्या आप यह जानना चाहते हैं कि समास किसे कहते है ? समास के भेद व उदाहरण और समास विग्रह इन सभी के बारे मे जानने के लिए इस आर्टिकल में हमारे साथ बने रहें ।

Samas Kise Kahate Hain ? Paribhasha, bhed ( समास किसे कहते है ? परिभाषा )

समास की परिभाषा :-  दो या दो से अधिक शब्दों के मेल को समास कहते हैं और जब समास पद बनता है तो उस पद में विभक्ति चिन्ह का लोप हो जाता है ।

जैसे :-  माता-पिता । इस  समास पद में तीन शब्दों के प्रयोग के  स्थान पर दो  शब्दों का प्रयोग हुआ है माता पिता का सामासिक अर्थ माता और पिता होता है ।

इस तरह भाषा को संक्षिप्त करने के लिए समाज का उपयोग किया जाता है ।

सामासिक या समस्तपद :- जब दो या दो से अधिक शब्दों के मेल से विभक्ति चिन्ह के कारण लोप हो जाता है  और जो नवीन शब्द बनते हैं उन शब्दों को सामासिक पद या समस्त पद कहा जाता है ।

जैसे :- रसोईघर । इस पद का विग्रह रसोई के लिए घर होता है । रसोईघर एक सामासिक या समस्तपद है क्योंकि रसोईघर में के लिए शब्द का लोप हो जाता है ।

सामासिक या समस्तपद व भेद :- 

सामासिक या समस्तपद के दो भेद होते है । पहला पूर्व पद व दूसरा उत्तर पद । सामासिक शब्द के पहले पद को पूर्व पद व दूसरे पद को उत्तर पद कहा जाता है ।

विग्रह किसे समासकहते है ? परिभाषा 

सामासिक शब्दों के बीच के सम्बन्ध को स्पष्ट करने को समास विग्रह कहते हैं। विग्रह के बाद सामासिक शब्द गायब हो जाते हैं अथार्त जब समस्त पद के सभी पद अलग – अलग किय जाते हैं उसे समास- विग्रह कहते हैं।


जैसे :- 

दिन-रात      =         दिन और रात

माता-पिता   =         माता और पिता

पूजाघर।      =         पूजा के लिए घर

समास के भेद या प्रकार 

समास के मुख्यतः चार भेद होते हैं जिन दो शब्दों में समास होता है उनकी प्रधानता अथवा प्रधानता के  आधार पर यह भेद किए गए हैं ।

जिस समाज में पहला शब्द प्राइस प्रधान होता है उससे अव्ययीभाव समास कहते हैं जिस समास में दूसरा शब्द प्रदान होता है उसे तत्पुरुष समास करते हैं और जिसमें दोनों शब्द प्रधान होते हैं उससे द्वंद समास कहा जाता हैं और जिसमें कोई भी पद प्रधान नहीं होता है उसे बहुव्रीहि समास कहा जाता है ।

तत्पुरुष समास के दो अतिरिक्त भेद स्वीकार किए गए हैं पहला कर्मधारय समास एवं दूसरा द्विगु समास ।

विवेचना की सुविधा के लिए हम समाज के इन सभी 6 प्रकारों का अध्ययन करेंगे ।

अव्ययीभाव समास की परिभाषा व उदाहरण 

जिस समास में पहला शब्द प्राय प्रदान होता है उसे अव्ययीभाव समास कहा जाता है  अव्ययीभाव समास को पहचानने के लिए एक बहुत ही अच्छी ट्रिक हैं जैसा कि आपको अव्ययीभाव से ही पता चल रहा है इस समास में अवयव शब्द होते है । इन अवयव शब्द को देखकर हम यह पहचान कर सकते हैं की इस पद में अव्ययीभाव समास है या नही ।


जैसे :- प्रतिदिन = हर दिन

अवयव शब्द किसे कहते है ?

अवयव शब्द वे शब्द होते है जिनका कभी भी व्यय नही होता है उन शब्दों को अवयव शब्द कहते है । 

जैसे :- प्रति,यथा,आ आदि ।

कर्मधारय समास की परिभाषा व उदाहरण

कर्मधारय समास के पहले पद में विशेषण अथवा उपमान होता है जबकि दूसरे पद मैं विशेष्य अथवा उपयम का संबंध होता है उसे कर्मधारय समास कहा जाता है ।


जैसे :- 

महापुरुष =  महान है जो पुरुष

कमलनयन =  कमल के समान नयन


इन दोनों उदाहरणों में पहले वाले उदाहरण के अंदर विशेषण और विशेष्य का प्रयोग हुआ है जबकि दूसरे उदाहरण में उपयम व उपमान का प्रयोग हुआ है ।

द्वंद समास की परिभाषा व उदाहरण

इस समाज में दोनों पद समान रूप से प्रधान होते हैं वह इसके दोनों पदों के मध्य- के माध्यम से जुड़े होते हैं इस समाज को समास विग्रह करने पर और अथवा या तथा एवं आदि रखते हैं उससे द्वंद समास कहते हैं


जैसे :- 

 रात-दिन =  रात और दिन 

सीता-राम  = सीता और राम

बहुव्रीहि समास की परिभाषा व उदाहरण

बहुव्रीहि समास में पूर्व पद व उत्तर पद  दोनों ही गुण होते हैं और अन्य पद प्रदान हो तथा उसके शाब्दिक अर्थ को छोड़कर एक नया अर्थ निकलता है उस समाज को बहुव्रीहि समाज कहा जाता है ।

बहुव्रीहि समाज को पहचानने के लिए एक ट्रिक है कि इस समाज में सामासिक शब्द से तीसरा अर्थ निकलता है इसकी मदद से हम इस समाज को आसानी से पहचान सकते हैं ।

जैसे :-  घनश्याम = घन जैसा श्याम अर्थात कृष्ण ।

 घनश्याम सामासिक शब्द में तीसरा अर्थ कृष्ण निकल रहा है इसलिए इसमें बहुव्रीहि समास है ।

तत्पुरुष समास की परिभाषा उदाहरण

इस समाज में पहला पद गुण होता है जबकि तत्पुरुष समास का दूसरा पद प्रधान होता है और इस समाज ने कारक की विभक्ति चिन्हों का लोप हो जाता है ध्यान देने वाली बात यह है कि इस समास में कर्ता व संबोधन कारक को छोड़कर और सभी सरकार को के आधार पर इस समाज के बीच भेद किए गए हैं जो निम्नलिखित हैं ।


  1. कर्म तत्पुरुष समास
  2. करण तत्पुरुष समास
  3. सम्प्रदान तत्पुरुष समास
  4. अपादान तत्पुरुष समास
  5. संबंध तत्पुरुष समास
  6. अधिकरण तत्पुरुष समास


इन सभी तत्पुरुष समास के भेदों में जिस कारक का भेद है उस कारक का कारक चिन्ह विलुप्त हो जाता है । इन सभी के बारे में विस्तार से जानने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर जाकर के आप आगे की जानकारी ले सकते हैं ।

संधि और समास में क्या अंतर होता है

संधि व समास में मुख्यतः यह अंतर होता है की संधि में दो वर्णो अथवा ध्वनियों का मेल होता है पहले शब्द के अंतिम ध्वनि और दूसरे शब्द की आरंभिक ध्वनि में परिवर्तन आ जाता है जबकि समास में दो शब्दों का मेल होता है ना कि दो दोनों का यह मुख्य अंतर संधि व समास में पाया जाता है ।

अंतिम शब्द 

आज हमने इस आर्टिकल में समास किसे कहते है ? परिभाषा  व भेद व उदाहरण इन सभी के बारे में विस्तार से व सरल भाषा मे समझने का प्रयास किया है । यदि आपको यह लेख पसंद आया है और इस आर्टिकल से कुछ सीखने को मिला हो तो इस आर्टिकल को अपने दोस्तों के साथ जरूर साझा करें । 

और यदि आपको लगता है कि इस आर्टिकल में कोई कमी महसूस होती है तो नीचे हमे comment box में जरूर अवगत कराएं । ताकि हम आपकी जरूर के अनुसार आर्टिकल को बना सके , आपके सुझाव हमेशा आमंत्रित है ।

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