क्रिया की परिभाषा, भेद व उदाहरण | Kriya Kise Kahate Hain

हेलो दोस्तो आज हम हिंदी व्याकरण के बहुत की महत्वपूर्ण टॉपिक क्रिया के बारे में जानेंगे । 

Kriya Kise Kahate Hain
Kriya Kise Kahate Hain


क्रिया के इस टॉपिक को हमने नीचे बहुत ही सरल व सहज भाषा में समझाया है ।

क्रिया किसे कहते हैं ?

क्रिया का अर्थ साधारण भाषा में करना होता है क्रिया के बिना कोई वाक्य पूरा नहीं हो सकता किसी वाक्य में कर्ता कर्म तथा काल की जानकारी क्रिया के माध्यम से ही होती हैं हिंदी भाषा का जन्म संस्कृत भाषा से माना जाता है संस्कृत में क्रिया को धातु कहा जाता है

 क्रिया की परिभाषा :- 

Kriya Kise Kahate Hain, Paribhasha
Kriya Kise Kahate Hain, Paribhasha

जिन शब्दों में किसी कार्य का होना करना पाया जाता है उसमें क्रिया निहित होती है और उसे क्रिया कहते है ।

क्रिया के कुछ उदाहरण :-
  1.  मोहन दौड़ता है ।
  2.  राधा  खाना खा रही है ।
  3.  राम स्कूल जा रहा है ।
  4.   वह कंप्यूटर चला रहा है ।
  5.   वह ब्लॉग लिख रहा है ।

क्रिया के भेद या प्रकार :- 

क्रिया को मुख्य रूप से तीन भाग में बाटा गया है और इन सभी को उपभागो में भी बाटा गया है जो निम्नलिखित है :- 
       
  1.   कर्म के आधार पर
  2.   सरचना के आधार पर
  3.   काल के आधार पर


(1) कर्म के आधार पर क्रिया के भेद :- 


कर्म के आधार पर क्रिया के दो भेद है जो निंनानुसार है :-
  • सकर्मक क्रिया
  • अकर्मक क्रिया

  (अ) सकर्मक क्रिया व सकर्मक क्रिया की परिभाषा :-

जैसा कि आप स का अर्थ तो जानते ही होंगे स का अर्थ सहित होता है अतः सकर्मक  क्रिया का अर्थ है कर्म के साथ अथार्त ऐसी क्रिया जिसमे कर्म निहित होता है उसे सकर्मक क्रिया की संज्ञा दी जाती है ।

सकर्मक क्रिया की परिभाषा :-  जिस मे क्रिया का फल कर्ता पर न पड़ कर कर्म पर पड़े वहां सकर्मक क्रिया होती है ।


सकर्मक क्रिया के कुछ उदाहरण :-
  1.    बच्चा खेल रहा है ।
  2.    सीता खाना बना रही हैं ।

अब अगर आप से प्रश्न किया जाए कि बच्चा क्या कर रहा है? तो आपका उत्तर होगा खेल (कर्म ) रहा है अर्थात बच्चा खेलने का कर्म कर रहा है और  दूसरे वाक्य मे इस प्रकार प्रश्न करने पर उत्तर होगा खाना (कर्म) अथार्त दूसरे वाक्य में खाना कर्म होगा ।

  इन दोनो वाक्यो मे क्रिया के साथ कर्म का प्रयोग हुआ है अतः इन दोनो में सकर्मक क्रिया निहित है ।



(ब) अकर्मक क्रिया की परिभाषा :- 

                                               जिस वाक्य मे क्रिया
का फल कर्म पर न पड़कर कर्ता पर पड़ता है उसे अकर्मक क्रिया कहा जाता है । अकर्मक क्रिया में कर्म के स्थान पर कर्ता को महत्व दिया जाता है ।

अकर्मक क्रिया के कुछ उदाहरण :- 
  •          सोनू सोता है
  •          रानी गाती है

यहा पर सोनू (कर्ता) सोना क्रिया है इसी प्रकार दूसरे वाक्य मे रानी (कर्ता) है और गाना क्रिया है जिसमे क्रिया फल कर्म पड़ रहा है इस लिए अकर्मक क्रिया है ।

सकर्मक क्रिया के भी दो भेद होते है :- 

  1. एककर्मक क्रिया  
  2. द्विकर्मक क्रिया

एककर्मक क्रिया की परिभाषा:- जिस वाक्य मे एक ही कर्म विद्यमान होता है उसे एककर्मक क्रिया कहते हैं 

जैसे:- 
  •          सीता पढ़ रही है ।
  •          गीता खेल रही है ।

यहाँ सीता के द्वारा एक ही कर्म (पढ़ना) हो रहा है इसी प्रकार दूसरे वाक्य मे भी गीत के द्वारा खेल (कर्म) हो रहा है ।

द्विकर्मक क्रिया की परिभाषा :- जिस वाक्य मे क्रिया के साथ दो कर्मो का प्रयोग हो उसे द्विकर्मक क्रिया कहा जाता है ।

जैसे:-   अध्यापक छात्रों को लिखना सीखा रहे है

यदि प्रश्न किया जाये क्या सीखा रहे है? तो उत्तर होगा लिखना फिर प्रश्न किया जाये लिखना किसे सीखा रहे है?

तो उत्तर होगा छात्रों को  इस प्रकार दो कर्म एक साथ प्रयोग होने पर वहाँ द्विकर्मक क्रिया होती है ।

(2) संरचना के आधार पर 


संरचना के आधार पर क्रिया के पांच भेद होते है            

(ब) नामधातु क्रिया


     परिभाषा :- जब संज्ञा सर्वनाम  विशेषण के शब्द जब क्रिया की तरह प्रयोग में आने लगे वहां पर नामधातु क्रिया होती है ओर जब नामधातु शब्दों मैं जब प्रत्यय लगाकर क्रिया का निर्माण किया जाता है तब वह शब्द नामधातुक्रिया कहलाती है ।

जैसे :- राम ने श्याम का कमरा हथिया लिया। 
        हाथ            हथिया             हथियाना
      (संज्ञा)        (नामधातु)           (क्रिया)
     
 सुरेश लक्ष्मी के विवाह की जिम्मेदारी को अपना चुका है ।
       अपना                 अपना                 अपनाना
     (सर्वनाम)           (नामधातु)       

(स) प्रेणार्थक क्रिया


      परिभाषा:-  जब करता स्वयं कार्य को ना करके किसी दूसरे से कराने के लिये प्रेरित करें या करवाएं उसे प्रेरणार्थक क्रिया कहते हैं
   
  जैसे:-  प्रधानमंत्री ने गांव में पुल बनवाया

          यहां प्रधानमंत्री ने  स्वयं कार्य नहीं किया बल्कि अन्य लोगों को प्रेरित कर उनसे पुल का निर्माण करवाया गया है अतः यहां प्रेरणार्थक क्रिया हैं

(द)  पूर्वकालिक क्रिया


       परिभाषा:-  जब किसी वाक्य में दो क्रियाएं दी गई हो तथा उनमें से एक क्रिया का प्रयोग दूसरी क्रिया से पहले ही संपन्न हुई हो तो पहले संपन्न होने वाली क्रिया को पूर्वकालिक क्रिया कहा जाता है ।

  इसमें क्रियाओ पर लिंग वचन पुरुष काल आदि में कोई परिवर्तन नहीं होता यह अव्यय तथा क्रिया विशेषण के रूप में भी प्रयुक्त होती हैं

 पूर्वकालिक क्रिया में मूल धातु में कर लगाने से एक सामान्य क्रिया को पूर्णकालिक क्रिया में परिवर्तन कर दिया जाता है

 जैसे:-  मूल शब्द (खेल) पूर्वकालिक क्रिया मे (खेलकर)

          रमेश खेलकर पढ़ने बैठेगा
          राम पढ़कर सो गया 

इन वाक्यो मे खेलकर (खेल मूल शब्द धातु+कर) दूसरे वाक्य मे (पढ़+कर =पढ़कर) पूर्वकालिक क्रिया कहलाएगी 

पूर्वकालिक क्रिया का एक दूसरा रूप तात्कालिक क्रिया है जिसमे एक क्रिया के समाप्त होते ही तत्काल कुछ क्षण दूसरी क्रिया घटित हो जाती है इस क्रिया का निर्माण    मूल शब्द मे ते जोड़ने से होता है 
 
जैसे  जा मूल शब्द+ते= जाते
        आ  मूल शब्द+ते= आते
 
वाक्य मे उदाहरण:- पुलिस के आते ही चोर भाग गया
                      डॉक्टर जाते ही मरीज की मृत्यु हो गई
 
यहाँ पुलिस तत्काल आते ही चोर का भागना दूसरी क्रिया सम्पन्न हो गई इसी प्रकार दूसरे वाक्य मे भी डॉक्टर जाते ही तत्काल दूसरी क्रिया घटित हो गई इसमे आते जाते तात्कालिक क्रिया है 

(3) काल के आधार पर क्रिया के भेद 


 काल के आधार पर के तीन भेद होते है जो बताते की क्रिया किस काल मे  संपन्न हो रही है । इन सभी के बारे में नीचे पढ़े ।

(अ) भूतकालिक क्रिया 


       परिभाषा:- वह क्रिया जो बीते समय मे होने वाले कार्य को संम्पन्न होने का बोध कराती है उसे भूतकालिक क्रिया कहलाती है ।

जैसे :-
  •           वह दिल्ली चला गया ।
  •           सूरज ने बहुत अच्छा ब्लॉग लिखा ।
  •           मैं पहले बहुत अच्छा खिलाड़ी था ।
  •           राधा ने बहुत अच्छा खाना बनाया ।

निम्न वाक्यों में क्रमशः गाया लिखा था बनाया सभी भूत कालिक क्रिया है

(ब) वर्तमानकालिक क्रिया 


     परिभाषा:- इस क्रिया  मे वर्तमान समय मे होने वाले कार्यो के संम्पन्न होने का बोध होता है इस लिये इसे वर्तमान कालिक क्रिया कहा जाता है ।

जैसे :- 

  •            राम दौड़ रहा है ।
  •            राधा गाना गा रही है ।
  •            श्याम पुस्तक पढ़ रहा है ।
  •            विजय खाना खा रहा है ।
  •            सूरज राधा का भाई है ।


(स)  भविष्यत काल क्रिया


        परिभाषा:- वह क्रिया जो आने वाले समय मे होने वाला कार्यो को संम्पन्न होने का बोध  कराएं उसे भविष्यत कालिक क्रिया कहा जाता है ।

जैसे:- 
  •          हम दीपावली की छुट्टियों में घूमने जाएंगे ।
  •          मोहन निबंध प्रतियोगिता में भाग लेगा ।
  •          राकेश कल खेलने जयपुर   जाएगा ।
  •          कल  राम लंका पर चढ़ाई करेंगे ।

यहां पर निम्नलिखित वाक्यों में क्रमश: जाएंगे, लेगा, जाएगा, करेंगे यह सभी भविष्य कालिक क्रिया के उदाहरण हैं ।

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